देहरादून:
देहरादून में किशोरी के साथ दुष्कर्म के गंभीर मामले में अदालत ने आरोपी शिक्षक को 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला लंबे समय तक दबा रहा, लेकिन आखिरकार पीड़िता की सिसकियों ने पूरे सच को सामने ला दिया।
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Toggleडेढ़ साल तक चुप रही पीड़िता, मां के पूछने पर खोला राज
पीड़िता ने करीब डेढ़ साल तक अपने साथ हुई घटना को छुपाए रखा। मामला तब सामने आया जब एक अन्य पीड़िता ने आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
इसके बाद मां ने जब अपनी बेटी से सवाल किया, तो वह रो पड़ी और पूरी घटना का खुलासा किया।
हॉस्टल में रहकर पढ़ाई के दौरान हुआ अपराध
घटना नेहरू कॉलोनी क्षेत्र स्थित एक शिक्षण संस्थान की है, जहां पीड़िता पढ़ाई के साथ हॉस्टल में रहती थी। आरोपी शिक्षक जनार्धन बिंजोला, जो संस्थान का संचालक भी था, ने किशोरी के साथ कई बार दुष्कर्म किया।
धोखे और धमकी के सहारे करता रहा शोषण
पीड़िता ने बताया कि आरोपी को छात्र ‘पापा जी’ कहकर बुलाते थे। आरोपी ने भरोसे का फायदा उठाकर पहले बहाने से अपने कमरे में बुलाया और फिर उसके साथ गलत हरकत की।
जब पीड़िता ने शिकायत की, तो उसे चुप रहने के लिए कहा गया और जान से मारने की धमकी भी दी गई। इसके चलते वह लंबे समय तक डर के कारण चुप रही।
अदालत ने सुनाई सख्त सजा
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रजनी शुक्ला की अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई और 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
साथ ही इस मामले में सहयोगी आरोपी को जुर्माना लगाकर रिहा करने का आदेश दिया गया।
पहले भी मिल चुकी है सजा
इससे पहले भी 28 फरवरी को इसी आरोपी को एक अन्य मामले में 20 साल की सजा सुनाई जा चुकी है। यह दर्शाता है कि आरोपी लंबे समय से ऐसे अपराधों में लिप्त था।
निष्कर्ष
यह मामला समाज के लिए गंभीर चेतावनी है कि भरोसे की आड़ में होने वाले अपराधों पर सतर्क रहना जरूरी है। साथ ही, ऐसे मामलों में पीड़ितों को सामने आने के लिए सुरक्षित माहौल और समर्थन मिलना बेहद आवश्यक है।




