नैनीताल। उत्तराखंड जीएसटी विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 150 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी का पर्दाफाश किया है। यह घोटाला फर्जी कंपनियों के नेटवर्क के जरिए किया जा रहा था, जिसे पकड़ने के लिए विभाग ने विशेष रणनीति अपनाई।
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Toggleफर्जी कंपनियां बनाकर किया गया ऑपरेशन
जीएसटी जांच विभाग ने इस मामले में अनोखा तरीका अपनाते हुए खुद कई फर्जी कंपनियां बनाई और संदिग्ध कंपनी के साथ व्यापारिक संबंध स्थापित किए। इस प्रक्रिया में अधिकारियों को कंपनी का भरोसा जीतने में कई महीने लगे। करीब चार महीने की गहन जांच के बाद पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा किया गया।
सितारगंज की कंपनी पर था शक, ट्रांसफार्मर सप्लाई में गड़बड़ी
जांच में सामने आया कि सितारगंज स्थित एक कंपनी ट्रांसफार्मर की आपूर्ति के नाम पर टैक्स चोरी कर रही थी। कंपनी उन फर्मों के नाम पर खरीद-बिक्री दिखा रही थी, जिन्हें पहले ही बंद किया जा चुका था। इससे विभाग का शक और गहरा हो गया।
32 अधिकारियों की टीम ने किया नेटवर्क का भंडाफोड़
इस बड़े ऑपरेशन में 32 अधिकारियों की टीम ने मिलकर काम किया। इंटेलिजेंस इनपुट, जीएसटी पोर्टल, आयकर विभाग, बैंकिंग डेटा और ऊर्जा मंत्रालय के रिकॉर्ड का मिलान कर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया गया। साथ ही जांच में एआई तकनीक का भी सहारा लिया गया।
2017 से चल रहा था फर्जीवाड़ा, बंद कंपनी के नाम पर जारी था कारोबार
जांच में पता चला कि कंपनी वर्ष 2017 से सक्रिय थी। बाद में पहली कंपनी को बंद कर दूसरी कंपनी बनाई गई, लेकिन पुरानी कंपनी के नाम से भी चोरी-छिपे कारोबार जारी रखा गया। इससे बड़े स्तर पर टैक्स चोरी की जा रही थी।
मल्टी-एजेंसी जांच से सामने आया पूरा मामला
विभाग ने पुख्ता सबूत मिलने के बाद इंटेलिजेंस, आयकर विभाग, जीएसटी पोर्टल, बैंकिंग सिस्टम और अन्य सरकारी विभागों के डेटा का विश्लेषण किया। इसके बाद पूरे घोटाले का पर्दाफाश हुआ, जो राज्य में अब तक के बड़े टैक्स चोरी मामलों में शामिल माना जा रहा है।




