चैत्र नवरात्र 2026: पूजा के साथ बेटियों के सम्मान का भी संदेश

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देहरादून। आज से चैत्र नवरात्र की शुरुआत हो रही है। पहले दिन कलश स्थापना के साथ मां शैलपुत्री की पूजा की जाएगी। लेकिन इस बार नवरात्र सिर्फ पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं, बल्कि एक सामाजिक संदेश भी दे रहा है—बेटियों को बचाने और सम्मान देने का संकल्प


📉 घटता लिंगानुपात बना चिंता का विषय

  • सरकारी आंकड़ों के अनुसार उत्तराखंड के 13 में से 11 जिलों में लिंगानुपात 950 से कम है

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  • कुछ जिलों में यह आंकड़ा 900 से भी नीचे पहुंच गया है

  • यानी हर 1000 लड़कों पर 950 से भी कम लड़कियां

👉 यह स्थिति समाज में बढ़ते असंतुलन की ओर इशारा करती है।


⚠️ क्यों घट रही बेटियों की संख्या?

अधिकारियों के अनुसार मुख्य कारण:

  • पलायन (Migration) – पहाड़ी क्षेत्रों से लोगों का बाहर जाना

  • सामाजिक सोच और बेटियों को लेकर चुनौतियां

  • रोजगार और सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं


🙏 नवरात्र का असली संदेश

नवरात्र में हम देवी की पूजा करते हैं, लेकिन असली अर्थ तब है जब:

  • बेटियों को भी वही सम्मान मिले

  • समाज में लड़का-लड़की का संतुलन बना रहे

  • हर घर में बेटियों को सुरक्षित और समान अवसर मिले


🌸 क्या करना होगा?

  • जागरूकता बढ़ानी होगी

  • बेटियों की शिक्षा और सुरक्षा पर ध्यान देना होगा

  • समाज को अपनी सोच बदलनी होगी


👉 सीधी बात:
इस नवरात्र सिर्फ पूजा नहीं, बल्कि एक संकल्प भी जरूरी है —
“देवी की पूजा के साथ, हर बेटी का सम्मान।”