सुल्तानपुर और लक्सर में की गई जांच, मिठाइयों के सात नमूने लेकर लैब भेजे गए
हरिद्वार। दीपावली के त्योहार को देखते हुए बाजारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग तेजी से बढ़ने लगी है। त्योहार के दौरान उपभोक्ताओं को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा विभाग ने जिले में निगरानी और सैंपलिंग अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में विभाग की टीम ने सुल्तानपुर और लक्सर क्षेत्र में मिठाई निर्माण इकाइयों तथा दुकानों का निरीक्षण कर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच की।
उपायुक्त लैब बीरेंद्र सिंह बिष्ट के नेतृत्व में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन और योगेंद्र पांडेय की टीम ने विभिन्न प्रतिष्ठानों का दौरा किया। इस दौरान मिठाइयों के निर्माण और बिक्री से जुड़ी इकाइयों का निरीक्षण किया गया। टीम ने मौके पर उपलब्ध मिठाइयों की गुणवत्ता की जांच के लिए कुल सात नमूने एकत्र किए।
त्योहारी सीजन में मिलावट रोकने पर जोर
दीपावली के आसपास मिठाइयों की खपत काफी बढ़ जाती है। ऐसे में अधिक मांग का फायदा उठाकर कुछ कारोबारियों द्वारा खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से समझौता किए जाने या मिलावटी सामग्री बेचने की आशंका बनी रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से बाजारों और मिठाई निर्माण इकाइयों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
अभियान के तहत विभाग की टीम ने मिठाइयों के नमूने लेकर उन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजने की प्रक्रिया अपनाई। प्रयोगशाला से प्राप्त होने वाली रिपोर्ट के आधार पर ही संबंधित खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उनमें किसी प्रकार की मिलावट की पुष्टि हो सकेगी।
जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग का यह अभियान त्योहार के दौरान उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी खाद्य पदार्थ में निर्धारित मानकों के विपरीत गुणवत्ता या मिलावट पाई जाती है, तो नियमानुसार संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
त्योहारी सीजन में इस तरह के निरीक्षण और सैंपलिंग अभियान से खाद्य कारोबारियों में जवाबदेही बढ़ाने के साथ ही आम लोगों को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। फिलहाल सात नमूने लिए जाने की जानकारी सामने आई है। इनके फेल होने की पुष्टि प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद ही की जा सकेगी।





