उत्तराखंड में पूर्व विधायक सुरेश राठौर से जुड़े विवाद के बीच उर्मिला सनावर की मुश्किलें फिलहाल कम होती नजर नहीं आ रही हैं। पांच करोड़ रुपये की कथित रंगदारी मांगने के मामले में अदालत से जमानत मिलने के बावजूद वह जेल से बाहर नहीं आ सकीं। मंगलवार शाम तक उनके स्वजन की ओर से अदालत में जमानती पेश नहीं किए गए, जिसके चलते उनकी रिहाई की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई। ऐसे में उन्हें फिलहाल जेल में ही रहना पड़ेगा।
इस बीच मामले ने एक और मोड़ ले लिया है। देहरादून पुलिस एक अन्य मुकदमे में उर्मिला सनावर की ट्रांजिट रिमांड लेने के लिए हरिद्वार पहुंची। इससे जमानत मिलने के बाद भी उनकी कानूनी मुश्किलें बनी हुई हैं। अब दूसरे मामले में पुलिस की कार्रवाई और अदालत की प्रक्रिया पर सबकी निगाहें टिकी हैं।
पांच करोड़ रुपये मांगने के आरोप में मिली थी जमानत
जानकारी के अनुसार, पूर्व विधायक सुरेश राठौर की बेटी दीपिका राठौर की ओर से उर्मिला सनावर पर फोन के माध्यम से पांच करोड़ रुपये मांगने का आरोप लगाया गया था। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया था। इसके बाद से वह न्यायिक हिरासत में थीं और उनकी ओर से अदालत में जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया था।
सोमवार को जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के दौरान उर्मिला सनावर की अधिवक्ता प्रीति सिंह चौहान ने अदालत के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए कई महत्वपूर्ण दलीलें पेश कीं। बचाव पक्ष की ओर से रखे गए तर्कों पर सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें जमानत प्रदान कर दी।
जमानती नहीं पहुंचे, जेल से बाहर आने का इंतजार बढ़ा
अदालत से जमानत मिलने के बाद उम्मीद थी कि उर्मिला सनावर जल्द जेल से बाहर आ जाएंगी, लेकिन रिहाई की प्रक्रिया में जमानती पेश करने की औपचारिकता पूरी नहीं हो सकी। मंगलवार शाम तक उनके स्वजन जमानती लेकर अदालत नहीं पहुंचे थे। इसके चलते अदालत में आवश्यक प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई और उन्हें रिहाई नहीं मिल सकी।
कानूनी प्रक्रिया के तहत जमानत मिलने के बाद भी निर्धारित शर्तों और जमानती से संबंधित औपचारिकताएं पूरी करना आवश्यक होता है। इसी वजह से अदालत से राहत मिलने के बावजूद उर्मिला सनावर को जेल में ही रहना पड़ा।
दूसरे मुकदमे में ट्रांजिट रिमांड लेने पहुंची देहरादून पुलिस
उधर, इस पूरे घटनाक्रम के बीच देहरादून पुलिस भी सक्रिय हो गई। पुलिस की एक टीम दूसरे मुकदमे के सिलसिले में उर्मिला सनावर की ट्रांजिट रिमांड लेने के लिए हरिद्वार पहुंची। इसका मतलब है कि जमानत वाले मामले से अलग एक अन्य प्रकरण में भी पुलिस उनसे पूछताछ और कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाना चाहती है।
ऐसे में पहले मामले में जमानत मिलने के बावजूद उनकी तत्काल रिहाई का रास्ता आसान नहीं दिख रहा है। दूसरे मुकदमे में देहरादून पुलिस की ओर से की जा रही कार्रवाई आगे की कानूनी प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है।
अब दूसरे मामले की कार्रवाई पर टिकी निगाहें
उर्मिला सनावर से जुड़े इस प्रकरण में लगातार नए घटनाक्रम सामने आ रहे हैं। एक ओर पांच करोड़ रुपये मांगने के आरोप वाले मामले में उन्हें अदालत से जमानत मिल चुकी है, वहीं दूसरी ओर जमानती पेश नहीं होने के कारण उनकी रिहाई अटक गई। इसी बीच देहरादून पुलिस का ट्रांजिट रिमांड लेने पहुंचना मामले को और महत्वपूर्ण बना रहा है।
फिलहाल मंगलवार शाम तक उर्मिला सनावर जेल में ही रहीं। अब उनके स्वजन की ओर से जमानती पेश किए जाने और दूसरे मुकदमे में देहरादून पुलिस की कार्रवाई के बाद ही उनकी आगे की कानूनी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।





