पिथौरागढ़। सीमांत जिले पिथौरागढ़ में हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में नया हेलीपोर्ट बनाने की तैयारी की जा रही है। नैनीसैनी एयरपोर्ट पर बढ़ते दबाव को कम करने के उद्देश्य से प्रस्तावित इस पहल से आदि कैलाश और ओम पर्वत की यात्रा पर आने वाले पर्यटकों को सुविधा मिलने की उम्मीद है। साथ ही, जिले में हवाई सेवाओं के विस्तार की संभावनाएं भी बढ़ सकती हैं।
नैनीसैनी एयरपोर्ट का दबाव होगा कम
पिथौरागढ़ के नैनीसैनी एयरपोर्ट पर हवाई गतिविधियों को बेहतर ढंग से संचालित करने के लिए हेलीकॉप्टरों हेतु अलग हेलीपोर्ट विकसित करने की तैयारी की जा रही है। इससे हेलीकॉप्टर संचालन के लिए अतिरिक्त सुविधा उपलब्ध हो सकती है और एयरपोर्ट पर परिचालन संबंधी दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।
आदि कैलाश और ओम पर्वत यात्रा को मिलेगा बढ़ावा
पिथौरागढ़ जिला धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। आदि कैलाश और ओम पर्वत की यात्रा के लिए हर साल श्रद्धालु और पर्यटक यहां पहुंचते हैं। बेहतर हवाई कनेक्टिविटी विकसित होने से यात्रियों को आवागमन में सुविधा मिलने और क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
नई हवाई सेवाओं की संभावनाएं बढ़ेंगी
नए हेलीपोर्ट के निर्माण से जिले में हेलीकॉप्टर सेवाओं के संचालन के लिए अतिरिक्त बुनियादी ढांचा उपलब्ध हो सकता है। इससे भविष्य में हवाई सेवाओं के विस्तार और अन्य विमानन कंपनियों की रुचि बढ़ने की संभावनाएं बन सकती हैं।
हालांकि, नई हवाई सेवाओं का संचालन संबंधित मंजूरियों, बुनियादी सुविधाओं और कंपनियों की व्यावसायिक व्यवहार्यता पर निर्भर करेगा। प्रस्तावित हेलीपोर्ट से सीमांत क्षेत्र में पर्यटन, स्थानीय कारोबार और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।





