पिथौरागढ़। पहाड़ों में सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी आज भी ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। पिथौरागढ़ के मेतली गांव में इसका एक मार्मिक उदाहरण सामने आया, जहां सड़क सुविधा नहीं होने के कारण प्रसव पीड़ा से जूझ रही 24 वर्षीय पूजा देवी को ग्रामीणों ने डोली के सहारे करीब 13 किलोमीटर तक पहुंचाया।
प्रसव पीड़ा शुरू होने के बाद गांव तक एंबुलेंस नहीं पहुंच सकी। ऐसे में ग्रामीणों ने डोली को ही एंबुलेंस का विकल्प बनाया और महिला को कठिन पहाड़ी रास्ते से अस्पताल की ओर ले गए।
रात में टॉर्च की रोशनी में वापसी
महिला ने अस्पताल में बच्ची को जन्म दिया। इसके बाद मां और नवजात को गांव वापस लाने के लिए भी ग्रामीणों को उसी दुर्गम रास्ते का सहारा लेना पड़ा। रात के अंधेरे में टॉर्च की रोशनी के बीच डोली से दोनों को गांव तक पहुंचाया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क सुविधा नहीं होने के कारण गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और गंभीर मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने में भारी परेशानी होती है। मेतली गांव की यह घटना पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क संपर्क और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरत को एक बार फिर सामने लाती है।




