पिथौरागढ़: आदि कैलास मार्ग पर बर्फ हटाने का काम युद्धस्तर पर जारी, लिपुलेख में 8-10 फीट बर्फ

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कुटी-ज्योलिंगकोंग मार्ग पर भी कई फीट बर्फ जमी, बीआरओ की छह मशीनें माइनस तापमान में जुटीं; 3-4 दिन में मार्ग खुलने की उम्मीद

धारचूला। सीमांत जनपद पिथौरागढ़ के उच्च हिमालयी क्षेत्र में भारी बर्फबारी के बाद आदि कैलास यात्रा मार्ग को सुचारु करने की कवायद तेज कर दी गई है। सीमा सड़क संगठन (BRO) की टीम माइनस तापमान के बीच सड़क पर जमी बर्फ हटाने में जुटी है। मार्ग पर कई फीट मोटी बर्फ जमा होने के कारण यातायात बहाल करने में चुनौती बनी हुई है।

कुटी-ज्योलिंगकोंग मार्ग पर बर्फ हटाने का काम तेज

कुटी से ज्योलिंगकोंग के बीच सड़क पर जमी कई फीट मोटी बर्फ को मशीनों की मदद से काटकर हटाया जा रहा है। बीआरओ की छह मशीनें लगातार बर्फ हटाने के काम में लगी हैं। अत्यधिक ठंड और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद टीम सड़क खोलने के प्रयास में जुटी हुई है।

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नावीढांग-लिपुलेख में 8 से 10 फीट बर्फ

वहीं कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग पर नावीढांग से लिपुलेख तक करीब 12 किलोमीटर लंबे मोटर मार्ग पर 8 से 10 फीट तक बर्फ जमी हुई है। इतनी अधिक बर्फ के कारण मार्ग को खोलना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। अधिकारियों के अनुसार, मौसम और परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो अगले तीन से चार दिनों में मार्ग को यातायात के लिए खोलने की उम्मीद है।

करीब एक हजार श्रद्धालुओं ने किए आदि कैलास के दर्शन

भारी बर्फबारी के बावजूद यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह बना हुआ है। अब तक करीब एक हजार श्रद्धालुओं के ज्योलिंगकोंग पहुंचकर आदि कैलास के दर्शन करने की जानकारी सामने आई है। मार्ग बहाल होने के बाद यात्रा गतिविधियों में और तेजी आने की उम्मीद है।