बागेश्वर। जिले में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है। रवाईखाल के समीप पहाड़ी से भारी मलबा और बोल्डर गिरने के कारण गरुड़-बागेश्वर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बाधित हो गया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
मार्ग पर भारी मात्रा में मलबा आने की सूचना के बाद सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की मशीनें मौके पर पहुंचीं और सड़क खोलने का काम शुरू किया। अधिकारियों के अनुसार मलबे की मात्रा अधिक होने के कारण यातायात बहाल करने में समय लग सकता है। लगातार बारिश के चलते पहाड़ी से दोबारा मलबा और पत्थर गिरने का खतरा भी बना हुआ है।
पिंडारी समेत ग्लेशियर यात्राओं पर दो दिन की रोक
मौसम के बिगड़े मिजाज और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने पिंडारी ग्लेशियर की यात्रा दो दिनों के लिए स्थगित कर दी है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पिंडारी के साथ सुंदरढूंगा और कफनी ग्लेशियर की ओर जाने वाली ट्रैकिंग यात्राओं पर भी रोक लगाई गई है। वन विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि मौसम सामान्य होने तक नए ट्रेकर्स और पर्यटकों को आगे जाने की अनुमति न दी जाए।
स्कूल-कॉलेज और आंगनबाड़ी केंद्र बंद
भारी बारिश की चेतावनी और संवेदनशील परिस्थितियों को देखते हुए जिले में स्कूल, कॉलेज और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों को अलर्ट मोड पर रहने और संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर रखने को कहा है।
24 घंटे अलर्ट मोड पर प्रशासन
मौसम विभाग ने बागेश्वर में अत्यंत भारी बारिश के साथ आकाशीय बिजली और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने आपदा नियंत्रण कक्ष को सक्रिय रखने के साथ संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को 24 घंटे सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। संवेदनशील मार्गों पर जेसीबी मशीनों की तैनाती भी की गई है।
प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने तथा स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की है।




