मेडिकल कॉलेज प्रवेश में फर्जी एससी-ओबीसी दस्तावेज का खुलासा, बाजपुर में पांच गिरफ्तार

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बाजपुर। मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए फर्जी और कूटरचित एससी (अनुसूचित जाति) और ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) प्रमाण-पत्र तैयार कराने और उनका इस्तेमाल किए जाने के मामले में प्रशासन और पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले में राजस्व विभाग की जांच के आधार पर पुलिस ने पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है।

जांच के दौरान आरोपितों के कब्जे से छह मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। मामले में कुल नौ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। प्रशासन की कार्रवाई के बाद फर्जी दस्तावेजों के जरिए मेडिकल कॉलेज में प्रवेश हासिल करने के प्रयासों को लेकर जांच और तेज कर दी गई है।

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चार अभ्यर्थियों के प्रमाण-पत्र फर्जी मिले

राजस्व विभाग की जांच में मेडिकल कॉलेज प्रवेश से संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल के दौरान चार अभ्यर्थियों के प्रमाण-पत्र फर्जी पाए गए। जांच में अनियमितता सामने आने के बाद इन प्रमाण-पत्रों को निरस्त कर दिया गया है।

प्रशासन अब पूर्व में जारी किए गए ऐसे प्रमाण-पत्रों का भी दोबारा सत्यापन करा रहा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं अन्य मामलों में भी फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल तो नहीं किया गया।

नौ लोगों के खिलाफ मुकदमा

मामले में जांच के आधार पर कुल नौ लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है। इनमें से पांच लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस आरोपितों से पूछताछ के साथ-साथ फर्जी प्रमाण-पत्र तैयार कराने और उनके इस्तेमाल से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।

अधिकारियों के अनुसार जांच पूरी होने के बाद मामले में सामने आने वाले अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पुराने प्रमाण-पत्रों का भी होगा सत्यापन

फर्जी प्रमाण-पत्रों का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने पहले जारी किए गए संबंधित प्रमाण-पत्रों की भी जांच शुरू कर दी है। इसका उद्देश्य दस्तावेजों की वैधता की दोबारा पुष्टि करना और फर्जी प्रमाण-पत्र जारी होने की संभावित प्रक्रिया का पता लगाना है।

प्रशासन और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के बाद अब यह जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है कि फर्जी दस्तावेज तैयार कराने और उनका इस्तेमाल करने के पीछे कितने लोग शामिल थे तथा इसका दायरा कितना बड़ा है।