बाजपुर। साइबर ठगी के मामलों में ठगी की रकम को अलग-अलग बैंक खातों के माध्यम से इधर-उधर भेजने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले म्यूल खातों का एक मामला बाजपुर में सामने आया है। पुलिस ने विभिन्न साइबर ठगी की शिकायतों से जुड़ी 4.33 लाख रुपये से अधिक की संदिग्ध धनराशि एक बैंक खाते में प्राप्त होने के मामले में खाताधारक दलजीत सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, साइबर अपराधी अक्सर लोगों को अपने जाल में फंसाकर उनसे ठगी की रकम विभिन्न बैंक खातों में जमा कराते हैं। इसके बाद रकम को कई खातों के जरिए आगे ट्रांसफर किया जाता है, ताकि धन के मूल स्रोत और साइबर अपराधियों तक पहुंचना मुश्किल हो सके। ऐसे खातों को सामान्य तौर पर म्यूल अकाउंट कहा जाता है।
मामले की जांच के दौरान बाजपुर निवासी दलजीत सिंह का बैंक खाता पुलिस और साइबर एजेंसियों की जांच के दायरे में आया। जांच में पता चला कि इस खाते का संबंध सात अलग-अलग साइबर ठगी की शिकायतों से जुड़ा हुआ है। इन शिकायतों में ठगी की रकम विभिन्न माध्यमों से उक्त खाते में पहुंचाई गई थी।
जांच में कुल 4.33 लाख रुपये की धनराशि संदिग्ध रूप से खाते में जमा होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए खाताधारक दलजीत सिंह के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि दलजीत सिंह ने अपना बैंक खाता जानबूझकर साइबर ठगों को उपलब्ध कराया था या उसका खाता किसी अन्य तरीके से ठगी की रकम के लेन-देन के लिए इस्तेमाल किया गया। साथ ही, खाते में आई रकम कहां से भेजी गई और इसके बाद किन खातों में ट्रांसफर की गई, इसकी भी जांच की जा रही है।
जांच एजेंसियां खाते से जुड़े लेन-देन, बैंक विवरण और साइबर ठगी की सातों शिकायतों का मिलान कर रही हैं। पुलिस का मानना है कि बैंक खाते के लेन-देन की विस्तृत जांच से साइबर ठगी के नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों तक पहुंचने में महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक, इंटरनेट बैंकिंग या यूपीआई सुविधा किसी अन्य व्यक्ति को इस्तेमाल करने के लिए उपलब्ध न कराएं। साइबर अपराधी कई बार लोगों को कमीशन या आसान कमाई का लालच देकर उनके बैंक खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम को इधर-उधर करने के लिए करते हैं।
पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और खाते से जुड़े अन्य संदिग्ध लेन-देन के साथ-साथ संभावित साइबर ठगी नेटवर्क की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।




