रुद्रप्रयाग में 14 दिनों के प्रशिक्षण से पंख लगीं उम्मीदें, अब मिलेट्स के पौष्टिक उत्पादों से अपनी पहचान बनाएंगी महिलाएं

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रुद्रप्रयाग में महिला स्वरोजगार प्रशिक्षण के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान, अहमदाबाद द्वारा क्रियान्वित एवं रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) के सहयोग से संचालित प्रोजेक्ट प्रगति के तहत ग्राम मरोड़ा में आयोजित 14 दिवसीय सूक्ष्म कौशल उद्यमिता विकास कार्यक्रम का समापन प्रमाणपत्र वितरण के साथ हुआ। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को नए कौशल प्रदान कर स्वरोजगार के लिए तैयार करना था।

कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को मिलेट्स आधारित पौष्टिक उत्पादों से जुड़े तकनीकी और व्यावसायिक कौशलों की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद प्रतिभागी महिलाओं में उत्साह देखा गया और उन्होंने भविष्य में अपने कौशल का उपयोग कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की इच्छा जताई।

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14 दिनों तक मिला उद्यमिता और तकनीकी प्रशिक्षण

रुद्रप्रयाग में महिला स्वरोजगार प्रशिक्षण कार्यक्रम को 14 दिनों की अवधि में अलग-अलग चरणों में आयोजित किया गया। इसमें छह दिवसीय उद्यमिता विकास प्रशिक्षण और आठ दिवसीय तकनीकी प्रशिक्षण शामिल रहा।

उद्यमिता विकास प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को स्वरोजगार शुरू करने, छोटे व्यवसाय की योजना बनाने और अपने उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने जैसे विषयों की जानकारी दी गई। वहीं तकनीकी प्रशिक्षण में मिलेट्स से तैयार किए जाने वाले पौष्टिक उत्पादों के संबंध में व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई।

इस तरह का प्रशिक्षण ग्रामीण महिलाओं के लिए केवल एक कौशल विकास कार्यक्रम नहीं है, बल्कि उनके लिए आर्थिक स्वतंत्रता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर भी है।

मिलेट्स आधारित उत्पादों से बनेगी नई पहचान

कार्यक्रम में महिलाओं को मिलेट्स के पौष्टिक और उपयोगी उत्पादों के बारे में जानकारी दी गई। वर्तमान समय में पौष्टिक आहार और पारंपरिक अनाजों के प्रति लोगों की रुचि बढ़ रही है। ऐसे में मिलेट्स आधारित उत्पाद महिलाओं के लिए स्वरोजगार का एक उपयोगी माध्यम बन सकते हैं।

प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद महिलाएं अपने स्तर पर छोटे उद्यम शुरू करने की दिशा में कदम बढ़ा सकती हैं। स्थानीय स्तर पर तैयार किए गए उत्पादों को बाजार से जोड़ने की संभावना भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में मदद कर सकती है।

रुद्रप्रयाग में महिला स्वरोजगार प्रशिक्षण से महिलाओं को यह समझने का अवसर मिला कि उपलब्ध संसाधनों और अपने कौशल का सही उपयोग कर रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं।

ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की पहल

समापन समारोह में मुख्य अतिथि ग्राम प्रधान रेखा देवी ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने महिलाओं से प्रशिक्षण का पूरा लाभ उठाने और स्वरोजगार शुरू करने का आह्वान किया।

उन्होंने प्रतिभागी महिलाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि प्रशिक्षण के माध्यम से प्राप्त ज्ञान और कौशल को केवल व्यक्तिगत विकास तक सीमित नहीं रखना चाहिए। महिलाएं आगे बढ़कर अन्य ग्रामीण महिलाओं को भी प्रेरित कर सकती हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के लिए कौशल विकास और उद्यमिता प्रशिक्षण रोजगार के नए अवसर पैदा करने में सहायक हो सकते हैं। ऐसे कार्यक्रम महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें आर्थिक निर्णय लेने के लिए भी सक्षम बनाते हैं।

प्रोजेक्ट प्रगति से आत्मनिर्भरता की ओर कदम

प्रोजेक्ट प्रगति के तहत आयोजित रुद्रप्रयाग में महिला स्वरोजगार प्रशिक्षण ने प्रतिभागियों को अपने भविष्य को नए दृष्टिकोण से देखने का अवसर दिया। प्रशिक्षण के बाद महिलाएं मिलेट्स आधारित पौष्टिक उत्पादों के माध्यम से अपनी अलग पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ सकती हैं।

स्वरोजगार की शुरुआत छोटे स्तर से भी की जा सकती है। यदि महिलाओं को प्रशिक्षण के साथ सही मार्गदर्शन और बाजार से जुड़ने के अवसर मिलते हैं, तो वे स्थानीय स्तर पर सफल उद्यम स्थापित करने की दिशा में कदम बढ़ा सकती हैं।

इस पहल से यह भी उम्मीद है कि आने वाले समय में अधिक से अधिक महिलाएं कौशल विकास कार्यक्रमों से जुड़ेंगी और अपने परिवार तथा समाज की आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।