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Toggleकुंभ मेले के बजट से गंगा घाटों का होगा पुनर्निर्माण
ऋषिकेश के स्वर्गाश्रम जौंक क्षेत्र अंतर्गत लक्ष्मणझूला और स्वर्गाश्रम के जर्जर गंगा घाटों का अब कुंभ मेले के बजट से मरम्मत और पुनर्निर्माण किया जाएगा। उप कुंभ मेलाधिकारी ने यमकेश्वर विधायक और विभागीय अधिकारियों के साथ मिलकर घाटों का निरीक्षण किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
2013 आपदा के बाद से बदहाल हैं गंगा घाट
जून 2013 की आपदा के बाद लक्ष्मणझूला और स्वर्गाश्रम क्षेत्र के कई गंगा घाट क्षतिग्रस्त हो गए थे। पिछले लगभग 13 वर्षों से इन घाटों की स्थिति खराब बनी हुई है और शासन-प्रशासन द्वारा समय पर सुधार कार्य नहीं किए गए।
पर्यटकों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर उठे सवाल
चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा और कुंभ मेले के दौरान ही नहीं, बल्कि पूरे वर्ष यहां हजारों की संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक आते हैं। इसके बावजूद बॉबे घाट, रामप्यारी घाट, किरमोला घाट और संत सेवा घाट समेत कई घाट जर्जर हालत में हैं। इन संवेदनशील घाटों पर स्नान के दौरान कई हादसे भी हो चुके हैं, जिससे सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है।
जनप्रतिनिधियों के दबाव के बाद लिया गया निर्णय
स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने लंबे समय से घाटों के पुनर्निर्माण की मांग उठाई थी। पहले यह आशंका जताई जा रही थी कि केवल अस्थायी उपाय जैसे लोहे की जंजीरें लगाकर काम पूरा कर दिया जाएगा, लेकिन विरोध के बाद अब कुंभ बजट से स्थायी निर्माण कार्य का निर्णय लिया गया है।
निरीक्षण के बाद तैयार होगी कार्ययोजना
28 मार्च को उप कुंभ मेलाधिकारी ने विभागीय अधिकारियों के साथ घाटों का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि घाटों के मरम्मत और निर्माण के लिए विस्तृत योजना तैयार की जा रही है, जिससे कार्य जल्द शुरू किया जा सके।
लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी
यमकेश्वर विधायक रेनू बिष्ट ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि क्षेत्र की उपेक्षा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
क्षेत्र के विकास से पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
गंगा घाटों के पुनर्निर्माण और सौंदर्यीकरण से न केवल श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि ऋषिकेश क्षेत्र में पर्यटन को भी नया बढ़ावा मिलेगा।




