ऋषिकेश/रानीपोखरी। उत्तराखंड में प्रस्तावित विधि विश्वविद्यालय को लेकर एक बार फिर असमंजस की स्थिति बन गई है। मुख्यमंत्री के आश्वासन के बावजूद स्थानीय लोगों में यह सवाल बना हुआ है कि आखिर विश्वविद्यालय का निर्माण अब कहां किया जाएगा, क्योंकि प्रस्तावित भूमि पहले ही अन्य परियोजना के लिए हस्तांतरित की जा चुकी है।
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Toggleमुख्यमंत्री के बयान से जगी उम्मीद, लेकिन संशय बरकरार
देहरादून-पिथौरागढ़ हवाई सेवा के शुभारंभ के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधि विश्वविद्यालय निर्माण की बात दोहराई, जिससे ग्रामीणों में उम्मीद जगी। हालांकि, जमीन को लेकर स्थिति स्पष्ट न होने के कारण लोगों में अब भी संशय बना हुआ है।
प्रस्तावित भूमि सौंग बांध प्रभावितों को हुई हस्तांतरित
तहसील प्रशासन के अनुसार, जिस भूमि पर वर्ष 2019 में विधि विश्वविद्यालय के लिए शिलान्यास किया गया था, वह करीब 6.233 हेक्टेयर भूमि अब सौंग बांध प्रभावितों के लिए सिंचाई विभाग को हस्तांतरित कर दी गई है। हाल ही में इस भूमि पर कब्जा लेने की कार्रवाई के दौरान ग्रामीणों और पुलिस के बीच विवाद भी हुआ।
स्थानीय लोगों ने जताई चिंता, संघर्ष बेकार होने का डर
प्रधान संगठन अध्यक्ष अनूप चौहान ने कहा कि क्षेत्र की प्रमुख भूमि पहले ही प्रभावितों को दी जा चुकी है, जिससे अब विश्वविद्यालय के लिए उपयुक्त जमीन नहीं बची है। उन्होंने आशंका जताई कि कहीं विश्वविद्यालय को रानीपोखरी से बाहर स्थानांतरित न कर दिया जाए, जिससे स्थानीय लोगों का वर्षों का संघर्ष व्यर्थ हो जाएगा।
2019 में हुआ था शिलान्यास, जमीन हस्तांतरण नहीं हुआ
मार्च 2019 में तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारा रानीपोखरी के लिस्ट्राबाद क्षेत्र में विधि विश्वविद्यालय के निर्माण के लिए शिलान्यास किया गया था। यदि उस समय भूमि को विश्वविद्यालय के नाम हस्तांतरित कर दिया जाता, तो वर्तमान स्थिति उत्पन्न नहीं होती।
विधायक का बयान: रानीपोखरी में ही बनेगा विश्वविद्यालय
डोईवाला विधायक बृजभूषण गैरोला ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता रानीपोखरी में ही विधि विश्वविद्यालय का निर्माण करना है और इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
निष्कर्ष:
विधि विश्वविद्यालय को लेकर सरकार की मंशा स्पष्ट है, लेकिन भूमि विवाद के चलते परियोजना अधर में लटकी हुई है। अब सभी की नजर इस पर है कि प्रशासन इस समस्या का समाधान कैसे करता है और विश्वविद्यालय का निर्माण कहां किया जाएगा।




