उत्तरकाशी। चारधाम यात्रा 2026 को लेकर बदरीनाथ, केदारनाथ और गंगोत्री धाम में लिए गए फैसलों के बीच यमुनोत्री मंदिर समिति ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। समिति ने कहा है कि यमुनोत्री धाम में आने वाले हर श्रद्धालु का स्वागत किया जाएगा और यहां किसी से भी धर्म या जाति नहीं पूछी जाएगी।
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Toggleगैर सनातनियों के प्रवेश पर साफ रुख
हाल ही में बदरीनाथ-केदारनाथ धाम में गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक और गंगोत्री धाम में पंचगव्य पीने की शर्त जैसे फैसलों के बाद यह चर्चा तेज हो गई थी कि क्या यमुनोत्री धाम में भी ऐसे नियम लागू होंगे। इस पर यमुनोत्री मंदिर समिति ने स्पष्ट रूप से कहा कि इस प्रकार के किसी भी प्रतिबंध का यहां कोई प्रावधान नहीं है।
‘अतिथि देवो भव’ परंपरा के तहत होगा स्वागत
समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि यमुनोत्री धाम में आने वाले सभी श्रद्धालुओं का ‘अतिथि देवो भव’ की परंपरा के अनुसार स्वागत किया जाएगा। उनका कहना है कि जो भी व्यक्ति श्रद्धा के साथ यहां आता है, वह सम्मान का पात्र है।
पंजीकरण और नियम तय करना सरकार का कार्य
मंदिर समिति के प्रवक्ता पुरुषोत्तम उनियाल ने कहा कि चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण और नियम तय करना सरकार का अधिकार है। मंदिर समिति केवल श्रद्धालुओं की सुविधा और व्यवस्थाओं पर ध्यान देती है।
‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना को प्राथमिकता
समिति के कोषाध्यक्ष प्रदीप उनियाल ने कहा कि यमुनोत्री धाम में ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना को सर्वोपरि रखा जाएगा। यहां सभी श्रद्धालुओं को समान भाव से दर्शन की अनुमति दी जाएगी और किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाएगा।




