सौंग बांध प्रभावितों की मांग तेज: आंशिक प्रभावित परिवारों को जल्द मिले आवासीय भूखंड

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टिहरी। सौंग बांध परियोजना से प्रभावित ग्रामीणों ने प्रशासन से आंशिक रूप से प्रभावित परिवारों को जल्द आवासीय भूखंड उपलब्ध कराने की मांग की है। इस संबंध में ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी कि मांग पूरी न होने पर आंदोलन किया जाएगा।

आंशिक प्रभावितों को 200 वर्गमीटर भूखंड देने की मांग

ग्रामीणों का कहना है कि बांध परियोजना से कई परिवार आंशिक रूप से प्रभावित हुए हैं, जिनके मकान, दुकान और पशुपालन जैसे व्यवसाय प्रभावित हुए हैं। उन्होंने मांग की कि प्रत्येक प्रभावित परिवार को 200 वर्गमीटर आवासीय भूखंड दिया जाए, जैसा कि पूर्व में समन्वय समिति की बैठक में निर्णय लिया गया था।

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फैसले के बावजूद अब तक नहीं हुई कार्रवाई

दिसंबर 2024 में गढ़वाल आयुक्त की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया था, जिसके बाद जून 2025 में डीएम द्वारा प्रस्ताव शासन को भेजा गया। लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है।

कुछ गांवों को पूर्ण विस्थापन का दर्जा देने की मांग

ग्रामीणों ने ग्वाली डांडा चक और सोंगणा गांव के प्रभावित परिवारों को पूर्ण विस्थापन की श्रेणी में शामिल करने की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि जिनकी जमीन सड़क निर्माण के लिए ली गई है, उसे भी परियोजना प्रभावित भूमि में शामिल किया जाना चाहिए।

रोजगार और आर्थिक सहायता की भी उठी मांग

सौंग बांध प्रभावित एवं विस्थापित विकास समिति के अध्यक्ष रविंद्र सिंह ने बताया कि प्रभावित परिवारों को आवासीय भूखंड के साथ आर्थिक सहायता और प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को स्थायी रोजगार देने की भी मांग की गई है।

मांग पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी

ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि यदि जल्द ही आवंटन प्रक्रिया शुरू नहीं की गई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। वहीं जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल ने मामले में शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।