देहरादून:
देहरादून में बढ़ते बंदरों के आतंक से राहत दिलाने के लिए नगर निगम ने विशेष अभियान शुरू कर दिया है। शहर में बंदरों को पकड़ने और उनकी नसबंदी कराने के लिए चिड़ियापुर की टीम को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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Toggleनगर निगम ने दी टीम को जिम्मेदारी
नगर निगम देहरादून ने बंदरों को पकड़ने का ठेका चिड़ियापुर की विशेषज्ञ टीम को दिया है। यह टीम शहर और आउटर क्षेत्रों में जाकर बंदरों को पकड़ने का कार्य करेगी।
नगर निगम के अनुसार, टीम को प्रति बंदर के हिसाब से भुगतान किया जाएगा, जिससे अभियान को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके।
पकड़कर चिड़ियापुर में होगी नसबंदी
पकड़े गए बंदरों को चिड़ियापुर ले जाया जाएगा, जहां उनकी नसबंदी की जाएगी। इसके बाद उन्हें जंगल में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया जाएगा।
इस प्रक्रिया का उद्देश्य बंदरों की संख्या को नियंत्रित करना और शहर में उनके आतंक को कम करना है।
लोगों को लंबे समय से थी समस्या
देहरादून के कई इलाकों में बंदरों का आतंक लंबे समय से बना हुआ है। ये बंदर घरों में घुसकर नुकसान पहुंचाने के साथ ही लोगों के लिए खतरा भी बन रहे हैं।
इस अभियान से शहरवासियों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
अधिकारियों ने दी जानकारी
नगर निगम के पशु अनुभाग प्रभारी डॉ. वरुण अग्रवाल ने बताया कि टीम पहले से ही आउटर क्षेत्रों में काम कर रही है और अब इसे पूरे शहर में तेज किया जाएगा।
निष्कर्ष
देहरादून नगर निगम की यह पहल शहर में बढ़ती बंदरों की समस्या का प्रभावी समाधान साबित हो सकती है। नसबंदी और पुनर्वास के माध्यम से न केवल समस्या पर नियंत्रण पाया जाएगा, बल्कि वन्यजीव संरक्षण का संतुलन भी बना रहेगा।




