नैनीताल/मुरादाबाद:
नैनीताल बैंक के रीजनल मैनेजर दयाल सिंह रावत की मुरादाबाद में हुए भीषण सड़क हादसे में मौत हो गई। इस दुखद घटना से उनके परिवार और गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। मंगलवार को उनका अंतिम संस्कार चित्रशिला घाट में किया जाएगा।
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Toggleरिटायरमेंट के बाद गांव लौटने का सपना अधूरा
दयाल सिंह रावत रविवार तक अपने गांव में रिश्तेदारों के साथ भविष्य की योजनाओं पर चर्चा कर रहे थे। उन्होंने सेवानिवृत्ति के बाद गांव में बसने की इच्छा जताई थी।
उन्होंने कहा था कि शहर का जीवन उन्हें रास नहीं आता और वह अपने जीवन का बाकी समय गांव में ही बिताना चाहते हैं। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था और अगले ही दिन उनकी मौत की खबर ने सभी को स्तब्ध कर दिया।
साधारण परिवार से बनें रीजनल मैनेजर
सरियाताल गांव के रहने वाले दयाल सिंह रावत एक साधारण कृषक परिवार से थे। उनके पिता स्वर्गीय कुंवर सिंह थे। अपनी मेहनत और लगन के बल पर उन्होंने नैनीताल बैंक में रीजनल मैनेजर तक का सफर तय किया, जो उनके संघर्ष और सफलता की प्रेरणादायक कहानी है।
परिवार में शोक, अंतिम संस्कार आज
परिजनों के अनुसार, उनका पार्थिव शरीर मुरादाबाद से पैतृक गांव सरियाताल लाया जा रहा है। मंगलवार को चित्रशिला घाट में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
परिवार में उनकी पत्नी, दो बेटे और एक बेटी हैं। एक बेटा देहरादून में पीएचडी कर रहा है, जबकि बेटी उनके साथ दिल्ली में रहती थी।
निष्कर्ष
दयाल सिंह रावत की अचानक हुई मौत ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र को गहरा आघात पहुंचाया है। उनकी जीवन यात्रा और संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी, जबकि उनका अधूरा सपना हमेशा याद किया जाएगा।




