उत्तरकाशी। मोरी विकासखंड के सौड़–ओसला मोटर मार्ग पर बन रहे पुल के निर्माण कार्य में अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पुल निर्माण के दौरान वायरक्रेट (तार जाल संरचना) में सीमेंट और बजरी की जगह मिट्टी भरी जा रही है, जो निर्माण मानकों के विपरीत है। ग्रामीणों ने इस मामले की जांच कराने की मांग जिला प्रशासन से की है।
Table of Contents
Toggleगुणवत्ता से समझौते का आरोप
स्थानीय निवासी सेनू चौहान और राजपाल रावत के अनुसार प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (PMGSY) के तहत सौड़–ओसला मोटर मार्ग का निर्माण किया जा रहा है। इसी परियोजना के अंतर्गत ब्रिडकुल द्वारा गंगाड़ के समीप दो मोटर पुलों का निर्माण भी कराया जा रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि इन पुलों के निर्माण में कार्यदायी संस्था द्वारा गुणवत्ता और निर्धारित मानकों की अनदेखी की जा रही है। इससे पहले भी एक पुल को सहारा देने के लिए लकड़ी के टेक लगाकर कार्य पूरा कर दिया गया था।
वायरक्रेट में कंक्रीट की जगह मिट्टी भरने का आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि वर्तमान में दूसरे पुल के निर्माण के दौरान बनाए जा रहे वायरक्रेट में बजरी और सीमेंट की जगह मिट्टी भरी जा रही है। उन्होंने इस पूरे मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा कर जिला प्रशासन से जांच की मांग की है।
बरसात में बह सकती है मिट्टी, खतरे में पुल की मजबूती
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पुल की सुरक्षा के लिए बनाए जा रहे वायरक्रेट ही मजबूत नहीं होंगे, तो भविष्य में पुल की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो जाएंगे। उनका आरोप है कि बरसात के दौरान मिट्टी बह जाने से पुल को नुकसान हो सकता है और इससे लोगों की जान को भी खतरा पैदा हो सकता है।
विभागीय अधिकारियों का पक्ष
प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (PMGSY) के सहायक अभियंता सुभाष दौरियाल ने बताया कि पुलों का निर्माण ब्रिडकुल द्वारा किया जा रहा है। वहीं इस मामले में ब्रिडकुल के अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।




