काशीपुर। क्षेत्र के चर्चित उद्योगपति अनूप अग्रवाल शनिवार को हाईकोर्ट के आदेश के तहत काशीपुर कोतवाली पहुंचे। यहां उन्होंने अपने अधिवक्ताओं और समर्थकों के साथ जांच में सहयोग किया। इस दौरान तीन अलग-अलग मामलों में नियुक्त जांच अधिकारियों ने उनसे करीब सात घंटे तक गहन पूछताछ की।
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Toggleतीन मामलों में हुई लंबी पूछताछ
पुलिस के अनुसार अनूप अग्रवाल के खिलाफ काशीपुर और बाजपुर थानों में धोखाधड़ी, धमकी सहित विभिन्न धाराओं में कुल सात मुकदमे दर्ज हैं। इनमें से चार मामलों में पुलिस पहले ही चार्जशीट दाखिल कर चुकी है, जबकि शेष तीन मामलों में पूछताछ के लिए पुलिस लंबे समय से उनकी तलाश कर रही थी।
सीओ विभव सैनी ने बताया कि पूछताछ के दौरान तीन मामलों पर विशेष रूप से चर्चा की गई। इनमें बाजपुर स्टोन क्रशर से जुड़े पार्टनरशिप विवाद में धोखाधड़ी का आरोप, काशीपुर निवासी सोना ठाकुर के मामले में सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए धमकी देने का आरोप और गगन कांबोज से जुड़े फेसबुक पोस्ट में अभद्र भाषा व धमकी देने का मामला शामिल है।
हाईकोर्ट के आदेश पर जांच में सहयोग
अनूप अग्रवाल के अधिवक्ता आनंद रस्तोगी ने बताया कि हाईकोर्ट ने उन्हें 17 मार्च से पहले पुलिस जांच में सहयोग करने और बयान दर्ज कराने का निर्देश दिया था। इसी आदेश के पालन में शनिवार सुबह करीब 11:30 बजे वह कोतवाली पहुंचे। इस दौरान उनके साथ गदरपुर विधायक अरविंद पांडे सहित अधिवक्ताओं का एक बड़ा दल भी मौजूद रहा।
पूछताछ में देरी को लेकर जताई नाराजगी
पूछताछ देर शाम तक चलने के कारण अनूप अग्रवाल के समर्थकों और अधिवक्ताओं में नाराजगी देखी गई। अधिवक्ता आनंद रस्तोगी ने आरोप लगाया कि पूछताछ में अनावश्यक देरी की गई। उन्होंने बताया कि शाम 5:30 बजे तक पूछताछ समाप्त न होने पर हाईकोर्ट की वेबसाइट पर शिकायत दर्ज कराने की तैयारी की गई थी। इसके बाद शाम करीब छह बजे पुलिस ने अग्रवाल को जाने की अनुमति दी।
शिकायतकर्ता भी पहुंचे कोतवाली
पूछताछ के दौरान उस समय चर्चा तेज हो गई जब शिकायतकर्ता गगन कांबोज भी कोतवाली परिसर में मौजूद नजर आए। इस पर अधिवक्ता ने स्पष्ट किया कि गगन कांबोज की प्राथमिकी अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज थी और जांच के दौरान किसी अन्य व्यक्ति द्वारा अनूप अग्रवाल का नाम लिया गया था।
डेढ़ साल बाद मां से मिले अनूप अग्रवाल
पूछताछ पूरी होने के बाद अनूप अग्रवाल अपने पैतृक आवास पहुंचे, जहां उन्होंने करीब डेढ़ साल बाद अपनी मां उर्मिला देवी से मुलाकात की। लंबे समय बाद मां के हाथ का बना भोजन खाने के बाद वे भावुक हो गए और इस दौरान अपने अनुभव भी साझा किए।




