अल्मोड़ा सड़क हादसा: क्रैश बैरियर की कमी से बढ़ा खतरा, समय रहते इंतजाम होते तो टल सकती थी दुर्घटना

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मौलेखाल (अल्मोड़ा)। सल्ट विकासखंड के मरचूला–गौलीखाल मोटर मार्ग पर कूपी बैंड प्रथम के पास क्रैश बैरियर नहीं होने के कारण दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इस स्थान पर क्रैश बैरियर लगाए गए होते तो हाल ही में कार के खाई में गिरने की घटना से बचा जा सकता था।

खतरनाक मोड़ पर सुरक्षा इंतजाम नहीं

संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने शनिवार को घटना स्थल का निरीक्षण किया। स्थानीय निवासियों के अनुसार जिस स्थान से कार खाई में गिरी, वहां करीब 100 मीटर के दायरे में क्रैश बैरियर नहीं लगे हैं। इस खतरनाक मोड़ पर पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। पिछले कुछ वर्षों में यहां हुए छह अलग-अलग हादसों में पांच लोगों की जान जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद भी प्रशासन ने यहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए।

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राज्य आंदोलनकारी मनवर सिंह रावत ने बताया कि उनका गांव कूपी भी दुर्घटना संभावित क्षेत्र में आता है, लेकिन वहां भी क्रैश बैरियर नहीं लगाए गए हैं। इससे सड़क पर यात्रा करने वाले लोगों को हमेशा हादसे का खतरा बना रहता है।

जर्जर सड़क से बढ़ रही दुर्घटनाओं की आशंका

मरचूला–गौलीखाल मोटर मार्ग लंबे समय से बदहाल स्थिति में है। सड़क की डामर परत कई जगह से उखड़ चुकी है, जिससे बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। दोपहिया वाहन चालक अक्सर फिसलकर चोटिल हो रहे हैं। बारिश के दौरान इन गड्ढों में पानी भर जाने से सड़क तालाब जैसी बन जाती है, जिससे आवागमन और भी कठिन हो जाता है।

दो साल पहले भी हुआ था बड़ा बस हादसा

जिस स्थान पर हाल ही में दुर्घटना हुई, उससे करीब 400 मीटर की दूरी पर वर्ष 2024 में कूपी बैंड के पास एक बस खाई में गिर गई थी। उस भीषण हादसे में 36 लोगों की मौत हो गई थी। घटना के बाद प्रशासन ने कई बड़े दावे किए थे और कुछ स्थानों पर क्रैश बैरियर भी लगाए गए, लेकिन कई खतरनाक मोड़ों पर अब भी सुरक्षा इंतजाम अधूरे हैं।

मृतकों की स्मृति में बनाया गया मंदिर

कूपी बैंड प्रथम के पास जहां हालिया हादसा हुआ, वहां पहले हुए हादसों में पांच लोगों की मौत हो चुकी है। मृतकों की आत्मा की शांति के लिए यहां एक मंदिर भी बनाया गया है। मंदिर तक तो क्रैश बैरियर लगाए गए हैं, लेकिन उससे लगभग 100 मीटर आगे तक सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है।